असम में सियासी पारा चढ़ा हुआ है, क्योंकि जल्द ही राज्य में चुनाव आयोग आधिकारिक तौर पर चुनाव की घोषणा कर सकता है। राज्य में पिछले दस साल से बीजेपी की सरकार है, और कांग्रेस इस बार बीजेपी से सत्ता छीनने की पूरी कोशिश कर रही है। इसीलिए राज्य में कांग्रेस के सबसे अहम नेता गौरव गोगोई पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे है। कांग्रेस की असम में राजनीतिक मंशा बीजेपी को कड़ी टक्कर देने की लग भी रही है क्योंकि पार्टी ने चुनावी ऐलान से पहले ही अपने प्रत्याशियों के चयन को लेकर मंथन शुरू कर दिया है।
दरअसल, असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया है कि असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई जोरहाट विधानसभा सीट से विधानसभा के चुनावी मैदान में उतर सकते हैं, हालांकि आधिकारिक ऐलान चुनाव आयोग के चुनावी ऐलान के बाद ही किया जा सकता है। इतना ही नहीं, पार्टी ने असम की करीब आधी सीटों के लिए अपने प्रत्याशी तय कर लिए हैं।
40 से ज्यादा सीटों के लिए हुआ मंथन
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की शुक्रवार शाम को अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में असम के चुनावों के लिए राज्य की करीब 40 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय किए गए है। इश बैठक में संभावित उम्मीदवारों की जीत की संभावना, स्थानीय समीकरण और संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा की गई। रिपोर्ट्स ये भी बताती हैं कि चुनाव से पहले प्रत्याशियों के चयन के लिए पार्टी ने सर्वे किया था और टिकटों के बंटवारे में सर्वे की रिपोर्ट का ध्यान भी रखा जाएगा।
मजबूत सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान पहले होगा
रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव की तारीखों के औपचारिक ऐलान के बाद कांग्रेस अपने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर सकती है। पहली सूची में उन सीटों के उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं, जहां पार्टी अपनी चुनावी स्थिति को जीवन पर सबसे ज्यादा मजूबत मानती है। असम चुनाव को लेकर जिस तरह की हलचल है, उससे ये अनुमान भी लगाया जा रहा है कि पार्टी चुनावी ऐलान से पहले ही अपने सभी प्रत्याशी तय भी कर सकती है।
