नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली स्थित रामकृष्ण मिशन सेंटर अगले साल अपने 100 साल पूरे करने जा रहा है. यह सेंटर वर्ष 1927 से आध्यात्मिक ज्ञान, शिक्षा और सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार लगातार कर रहा है. यह कई तरीके से लोगों की सेवा में जुटा हुआ है. यहां लोग पूजा पाठ करने के अलावा गीता और अन्य धार्मिक पुस्तकों के अमृत वचनों को भी सुनने आते हैं. इसके अलावा, यहां एक बहुत बड़ी लाइब्रेरी है जो हजारों छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मदद करती है. यहां बड़ी संख्या में बच्चे तैयारी के लिए लाइब्रेरी आते हैं.
रामकृष्ण मिशन दिल्ली सेंटर के सचिव सर्वलोकानंद जी महाराज ने बताया कि इस लाइब्रेरी को जनरल लाइब्रेरी नाम दिया गया है. यह करीब 70 साल पुरानी लाइब्रेरी है. यहां 55 से 60 हजार किताबें अध्ययन के लिए उपलब्ध हैं. महिला और पुरुषों के बैठने के लिए अलग-अलग व्यवस्था है. पुरानी से पुरानी किताबें अभ्यर्थियों के अध्ययन के लिए उपलब्ध हैं. यूपीएससी, बैंकिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यहां वर्षों से बच्चे अध्ययन के लिए आते हैं.
सर्वलोकानंद जी महाराज ने बताया कि लाइब्रेरी सिर्फ स्टूडेंट के लिए नहीं बल्कि आम लोगों के लिए भी उपलब्ध है. जरूरी नहीं कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले बच्चे ही आ सकते हैं. अन्य सामान्य लोग भी न्यूज पेपर और अन्य पत्र पत्रिकाओं को पढ़ने के लिए यहां आ सकते हैं. यहां स्टडी करने के लिए लाइब्रेरी का मेंबर बनना होता है और उसके बाद कोई भी यहां लाइब्रेरी में बैठ कर अध्ययन कर सकता है.
ऑनलाइन आवेदन करके बनते हैं लाइब्रेरी के मेंबर
लाइब्रेरी का मेंबर बनने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है. सर्वलोकानंद जी महाराज ने बताया कि सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक लाइब्रेरी का समय निर्धारित है. इस बीच कोई कितने घंटे भी अधिकतम 12 घंटे अध्ययन कर सकता है. सर्वलोकानंद महाराज ने बताया कि वर्ष 1956 में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के द्वारा इस लाइब्रेरी का उद्घाटन किया गया था, तब से यह जनता की सेवा में समर्पित है. यहां पर लोगों को एक शांत वातावरण में पढ़ाई करने के लिए मिलता है. उन्होंने बताया कि दिल्ली के अलग-अलग इलाकों मुखर्जी नगर, करोल बाग, राजेंद्र नगर और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की तरफ से भी बहुत सारे स्टूडेंट अपनी अलग-अलग नौकरी की तैयारी के लिए अध्ययन करने आते हैं.
रामकृष्ण मिशन दिल्ली केंद्र के सेक्रेटरी स्वामी सर्वलोकानन्द जी ने आगे बताया कि इसके अलावा भी हम कई कोचिंग सेंटर भी चलाते हैं. अक्सर बच्चे साइंस और मैथमेटिक्स में कमजोर होते हैं उनको इसकी कोचिंग दिलाते हैं. महाराज ने बताया कि अगले साल दिल्ली केंद्र के 100 साल पूरे होने जा रहे हैं. उसके उपलक्ष्य में शताब्दी वर्ष समारोह मनाया जाएगा, जो वर्ष 2028 तक चलेगा. उसके लिए हमने अभी से तैयारी शुरू कर दी हैं.
लाइब्रेरी में आने वाले अभ्यर्थियों ने दी यह जानकारी
लाइब्रेरी में 2 साल से सिविल सर्विस की तैयारी के लिए आने वाले आशीष ने बताया कि वह सुबह 8 बजे से शाम के 8 तक लाइब्रेरी में सिविल सर्विस की तैयारी करते हैं. उन्होंने यहां रामकृष्ण मठ से दीक्षा भी ली हुई है. वह जीटीबी नगर रहते हैं और प्रतिदिन लाइब्रेरी में पढ़ाई के लिए आते हैं. उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी में तैयारी के लिए पर्याप्त अध्ययन सामग्री मौजूद है. हर तरह की किताबें उन्हें मिल जाती हैं. जिससे तैयारी करने में आसानी होती है.
दो साल से लाइब्रेरी में आने वाली और फिलहाल यूपीएससी की तैयारी कर रही श्रुति ने बताया, ”पहले जब वह कॉलेज में पढ़ती थी तब सामान्य पढ़ाई के लिए लाइब्रेरी आती थीं, अब कॉलेज खत्म होने के बाद यूपीएससी की तैयारी के लिए लाइब्रेरी आती हूं. लाइब्रेरी का समय सुबह 8 बजे से शुरू होता है. इस बीच में आकर के चार-पांच घंटे पढ़ाई कर लेती हूं. उन्होंने बताया कि मैं नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास रहती हूं.”
