नई दिल्ली/गाजियाबाद: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित हुई है. युद्ध के हालातों का असर अब स्थानीय बाजारों तक साफ दिखाई देने लगा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संकट गहराने के कारण भारत के कई क्षेत्रों में गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर मिडल ईस्ट में चल रहे युद्ध का सीधा असर पड़ रहा है. कमर्शियल गैस सिलेंडर आपूर्ति बाधित होने के चलते होटल संचालक और रेडी पटरी पर खाने-पीने का सामान बेचने वाले विक्रेता अब कोयल और लकड़ी पर शिफ्ट हो रहे हैं.
कमर्शियल गैस सिलेंडर की वैकाल्पिक व्यवस्था में जुटे कारोबारी
गाजियाबाद की डासना गेट इलाके में कई कोयले और लकड़ी के होलसेल विक्रेता है. कोयले और लकड़ी के विक्रेताओं का कहना है कि पहले इस कारोबार में ज्यादा मुनाफा नहीं था लेकिन मौजूदा हालात ने पूरे बाजार की तस्वीर बदलकर रख दी है. मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है और अब लोग वैकल्पिक ईंधन के तौर पर लकड़ी और कोयले की ओर तेजी के साथ रूख कर रहे हैं. खासकर छोटे दुकानदार रेडी पटरी संचालक और होटल संचालक अब कोयला और लकड़ी स्टॉक कर रहे हैं ताकि अपने व्यवसाय को सुचारू रूप से संचालित कर सके.
कोयले और लकड़ी की बढ़ी डिमांड
इरशाद का गाजियाबाद के डासना गेट पर काफी पुराना लकड़ी और कोयले का काम है. इरशाद भाई दशक से इसी काम से जुड़े हुए हैं. इरशाद बताते हैं कि मौजूदा समय में गैस की किल्लत होने के बाद अब लोग कोयल और लकड़ी की तरफ रुख कर रहे हैं. हालांकि, अधिकतर रेडी पटरी और दुकानदार ही कोयला और लकड़ी खरीद रहे हैं. फिलहाल, लकड़ी और कोयले के रेट में इजाफा हुआ है. डिमांड भी काफी बढ़ी है. पहले काफी कम बिक्री होती थी लेकिन अब तकरीबन 30 प्रतिशत डिमांड बढ़ चुकी है. कोयल और लकड़ी के दामों में तकरीबन 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. नया स्टॉक आने पर रेट और बढ़ सकते हैं.
घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर भी संकट
फिलहाल गाजियाबाद में सिर्फ कमर्शियल गैस सिलेंडर ही नहीं बल्कि घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर भी संकट छाया हुआ है. गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ देखने को मिल रही है. वही गाजियाबाद जिला प्रशासन का दावा है की गाजियाबाद में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है और किसी भी तरह की सप्लाई में कोई कमी नहीं है.
सिलेंडर न मिलने के चलते कोयले और लकड़ी पर शिफ्ट हो रहे लोग
राजवीर कहते हैं, कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है ऐसे में अपना व्यवसाय भी चालू रखना है. हम छोले भटूरे की ठेली लगाते हैं. ऐसे में हमने अब सिलेंडर न मिलने के चलते कोयले और लकड़ी पर शिफ्ट किया है ताकि व्यवसाय चलता रहे. सिलेंडर न मिलने के चलते कोयल और लकड़ी के दाम बढ़ रहे हैं ऐसे में हमने हफ्ते भर के लिए कोयला और लकड़ी खरीद कर रख लिया है
