मुंबई: पिछले कुछ सत्रों से जारी भारी गिरावट और पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव के बीच, भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को राहत की सांस ली. एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के दम पर घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान मध्यम बढ़त देखी गई. सुबह 9:30 बजे तक, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 246 अंक या 0.31 प्रतिशत की मजबूती के साथ 79,362 पर पहुंच गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 84 अंक या 0.35 प्रतिशत चढ़कर 24,565 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया.
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में उत्साह
आज के कारोबार की खास बात यह रही कि मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ ब्रॉड-कैप इंडेक्स ने भी शानदार प्रदर्शन किया. निफ्टी मिडकैप 100 में 1.02 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.11 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो छोटे और मध्यम स्तर के शेयरों में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है. सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो एफएमसीजी (FMCG) और आईटी (IT) को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में रहे. विशेष रूप से मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे ज्यादा खरीदारी देखी गई, जो क्रमशः 1.23% और 1.43% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे.
कच्चे तेल और रुपये पर दबाव
बाजार में सुधार के बावजूद, वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट की आहट ने चिंताएं बरकरार रखी हैं. पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने के कारण डब्लूटीआई (WTI) क्रूड ऑयल फ्यूचर्स में 3.36 प्रतिशत का उछाल आया. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) बंद रहता है, तो इराक और कुवैत से होने वाला निर्यात प्रभावित हो सकता है. मुद्रा बाजार में भी हलचल रही; पिछले सत्र में रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड 92.18 के स्तर तक गिर गया था, हालांकि आज इसमें मामूली सुधार देखा गया और यह 91.66 के स्तर पर कारोबार करता मिला.
भारतीय बाजार को वैश्विक तेजी से काफी सहारा मिला. अमेरिकी बाजार (Nasdaq और S&P 500) पिछले सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए थे. एशियाई बाजारों में भी आज हरियाली रही; जापान का निक्केई 1.84% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 9.69% की भारी बढ़त के साथ लौटा. निवेश के आंकड़ों पर गौर करें तो 4 मार्च को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 8,752 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 12,068 करोड़ रुपये की भारी खरीदारी कर बाजार को टूटने से बचा लिया.
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,600–24,650 का स्तर एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस (प्रतिरोध) क्षेत्र है. यदि बाजार इसके ऊपर टिकने में कामयाब होता है, तो आगे और तेजी देखी जा सकती है. वहीं, नीचे की ओर 24,300–24,350 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट जोन बना हुआ है. फिलहाल, निवेशकों की नजरें मिडिल ईस्ट के घटनाक्रमों और कच्चे तेल की कीमतों पर टिकी हैं.

