नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण सदन के पटल पर रखा. बजट सत्र के दौरान विपक्ष की अनुपस्थिति में मुख्यमंत्री द्वारा पेश सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की अर्थव्यवस्था न केवल राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रही है, बल्कि बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है.
दिल्ली की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. चालू कीमतों पर दिल्ली का सकल राज्य घरेलू उत्पाद वर्ष 2025-26 में 13,27,055 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.42 फीसद की वृद्धि दर्शाता है. दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय 5,31,610 तक पहुंच गई है. यह राष्ट्रीय स्तर की तुलना में लगभग 2.5 गुना अधिक है. दिल्ली की अर्थव्यवस्था का आधार ‘सेवा क्षेत्र’ बना हुआ है, जिसका सकल राज्य मूल्य वर्धित में 86.32 फीसद का विशाल योगदान है. वहीं, विनिर्माण क्षेत्र12.88 फीसद और प्राथमिक क्षेत्र मात्र 0.80 फीसद का योगदान दे रहे हैं. सरकार का कर संग्रह भी मजबूत है, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 15.54 फीसद वृद्धि का बजट अनुमान है.
बजट और प्राथमिकताएं: परिवहन और समाज कल्याण पर जोर
वर्ष 2025-26 के लिए दिल्ली का कुल बजट 1,00,000 करोड़ रहा, जिसमें से 59,300 करोड़ सीधे योजनाओं और परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए. बजट आवंटन में सरकार की प्राथमिकताएं परिवहन क्षेत्र में कुल बजट का सर्वाधिक 20 फीसद हिस्सा, सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण क्षेत्र में 17 फीसद आवंटन, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता क्षेत्र में 15 फीसद आवंटन और शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में 13 और 12 फीसद हिस्सा रहा.
परिवहन क्रांति: इलेक्ट्रिक बसों का बढ़ता काफिला
दिल्ली सार्वजनिक परिवहन के मामले में तेजी से ग्रीन मोबिलिटी की ओर बढ़ रही है. मार्च 2026 तक दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर 4,338 हो गई है, जो अप्रैल 2025 में 2,150 थी. वर्तमान में डीटीसी और परिवहन विभाग के पास कुल 6,100 बसों का बेड़ा है. वहीं, दिल्ली मेट्रो रोजाना करीब 67 लाख यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुँचा रही है.
पर्यावरण और ऊर्जा: प्रदूषण पर प्रहार
दिल्ली में प्रदूषण से भले ही लोगों का बुरा हाल देखने को मिला, लेकिन सरकार की इस रिपोर्ट में प्रदूषण के खिलाफ जंग में दिल्ली को सफलता मिलती दिख रही है. अच्छे दिनों की संख्या 2018 के 159 से बढ़कर 2025 में 200 हो गई है. बिजली की बढ़ती मांग (पीक डिमांड 8442 MW) को पूरा करने के साथ-साथ सरकार नवीकरणीय ऊर्जा पर भी ध्यान दे रही है. जनवरी 2026 तक दिल्ली की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 509 मेगावाट (425 मेगावाट सौर + 84 मेगावाट वेस्ट-टू-एनर्जी) तक पहुंच गई है.
सामाजिक सुरक्षा: कमजोर वर्गों का सहारा
दिल्ली सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाखों लोग लाभान्वित होने का ज़िक्र किया गया है. बुजुर्ग पेंशन 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को 2500 और 60-69 वर्ष वालों को 2000 प्रति माह दिए जा रहे हैं. मार्च 2026 तक लगभग 4.40 लाख वरिष्ठ नागरिक इसका लाभ उठाने का ज़िक्र है. लगभग 18.91 लाख उपभोक्ताओं को 20 किलोलीटर तक मुफ्त पानी मिल रहा है. दिल्ली की 93.5 फीसदआबादी के पास अब पाइप से पानी की आपूर्ति उपलब्ध है. खाद्य सुरक्षा के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि 1953 उचित दर की दुकानों के माध्यम से 72.21 लाख लाभार्थियों को मुफ्त अनाज दिया जा रहा है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि पर्यटन के मामले में दिल्ली दुनिया भर के सैलानियों की पहली पसंद बनी हुई है. वर्ष 2024 में विदेशी पर्यटकों के आगमन के मामले में दिल्ली छठे स्थान पर रही. उद्योगों की बात करें तो विनिर्माण क्षेत्र से प्राप्त सकल राज्य मूल्य वर्धित 2025-26 में 50,144 करोड़ होने का अनुमान है. दिल्ली सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के ये आंकड़े मानें तो दिल्ली एक ‘वर्ल्ड क्लास सिटी’ बनने की दिशा में सही रास्ते पर है.
कुछ प्रमुख बातें और आंकड़ें:
1. शिक्षा
- दिल्ली सरकार ने शिक्षा को अपनी प्राथमिकताओं में शीर्ष पर रखा है, जिसका प्रमाण बजट का 13 हिस्सा इस क्षेत्र को मिलना है.
- शैक्षणिक सत्र 2024-25 में दिल्ली के सरकारी स्कूलों ने शानदार प्रदर्शन किया, जहाँ 10वीं कक्षा में 97.7 फीसद और 12वीं कक्षा में 98.3 फीसद छात्र उत्तीर्ण हुए.
- सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 से शिक्षा निदेशालय के तहत 75 CM SHRI स्कूल स्थापित किए हैं. ये स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप ‘फ्यूचर रेडी’ संस्थानों के रूप में विकसित किए जा रहे हैं.
- दिल्ली में कुल स्कूलों का 22.85 फीसद हिस्सा (1270 स्कूल) सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त है. इनमें कुल नामांकित छात्रों का लगभग 39.75 फीसद हिस्सा शिक्षा ग्रहण कर रहा है.
- तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में विश्वविद्यालय की प्रवेश क्षमता वर्ष 2025-26 के दौरान 4,664 तक पहुँच गई है.
2. परिवहन:
- दिल्ली का परिवहन क्षेत्र सबसे बड़ा बजट आवंटन 20 फीसद प्राप्त करने वाला क्षेत्र है, जो शहर की लाइफलाइन को आधुनिक बनाने पर केंद्रित है.
- वायु प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में भारी बढ़ोतरी की गई है. अप्रैल 2025 में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 2,150 थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 4,338 हो गई है.
- बसों का बेड़ा: मार्च 2026 तक, DTC और परिवहन विभाग के पास कुल 6,100 बसों का बेड़ा उपलब्ध है. इसमें 2,750 एसी लो फ्लोर इलेक्ट्रिक बसें (12 मीटर).1,588 एसी लो फ्लोर इलेक्ट्रिक बसें (9 मीटर), 1,762 सीएनजी (CNG) बसें (एसी और नॉन-एसी मिलाकर) शामिल हैं.
- दिल्ली मेट्रो वर्तमान में लगभग 67 लाख यात्रियों की औसत दैनिक सवारी के साथ सार्वजनिक परिवहन का मुख्य स्तंभ बनी हुई है.

