चंडीगढ़: पंजाब में मिडिल ईस्ट के हालिया तनाव के असर से प्रीमियम पेट्रोल और कॉमर्शियल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका सीधा असर जालंधर शहर में देखने को मिला, जहां लोग पेट्रोल पंपों पर कैन लेकर ईंधन भरवाने पहुंचे। 5 से 20 लीटर तक की कैनियों में डीजल और पेट्रोल स्टोर किया जा रहा है। वहीं चंडीगढ़, अमृतसर और लुधियाना जैसे शहरों में फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है और वहां पंपों पर किसी तरह की भीड़ या घबराहट नहीं देखी गई है।
जालंधर में पंपों पर बढ़ी भीड़
जालंधर के लाडोवाली रोड स्थित सहकारी पेट्रोल पंप पर लोगों की गतिविधि अचानक बढ़ गई। यहां लोग बड़ी संख्या में कैन लेकर पहुंचे और डीजल भरवाने लगे। पंप प्रबंधन के अनुसार लोग भविष्य में और कीमत बढ़ने की आशंका के चलते पहले से ईंधन स्टोर कर रहे हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से किसी तरह की कमी या आपूर्ति बाधित होने की सूचना नहीं दी गई है।
अन्य शहरों में स्थिति सामान्य
चंडीगढ़, अमृतसर और लुधियाना में अभी हालात सामान्य बने हुए हैं। इन शहरों के पेट्रोल पंपों पर रोजाना की तरह ही बिक्री हो रही है और किसी तरह की अतिरिक्त भीड़ नहीं देखी गई। अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई चेन सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। इसके बावजूद बाजार में कीमतों को लेकर सतर्कता बनी हुई है।
कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर
पंजाब में प्रतिदिन करीब 5 लाख लीटर प्रीमियम पेट्रोल की खपत होती है। कीमत बढ़ने के बाद उपभोक्ताओं को रोजाना लगभग 10 लाख रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं। वहीं कॉमर्शियल डीजल के दाम 22 रुपए बढ़कर 109 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं, जिससे लागत पर सीधा असर पड़ा है।
ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर दबाव
कॉमर्शियल डीजल के महंगा होने से ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है। लुधियाना के पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक सचदेवा के अनुसार ट्रक यूनियन और बस ऑपरेटरों ने किराया बढ़ाने के संकेत दिए हैं। इससे माल ढुलाई और यात्री परिवहन दोनों महंगे हो सकते हैं।
किसानों के लिए बढ़ी चिंता
आने वाले दिनों में गेहूं की कटाई का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में डीजल की बढ़ती कीमतें किसानों के लिए चिंता का कारण बन सकती हैं। खेती के कार्यों में डीजल की खपत अधिक होती है, जिससे लागत बढ़ेगी। हालांकि अभी रिटेल पंपों पर डीजल की कीमत 87 रुपए प्रति लीटर बनी हुई है, लेकिन आगे और बढ़ोतरी की आशंका से बाजार में सतर्कता बढ़ गई है।

