नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा में पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला. कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सदन में निंदा प्रस्ताव पेश करते हुए पंजाब सरकार पर भ्रष्टाचार, उत्पीड़न और तानाशाही के गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में सत्ता के लालच और उगाही के खेल में अब निर्दोष लोगों की जान जा रही है. सदन ने चर्चा के बाद एकजुट होकर इस निंदा प्रस्ताव को पारित कर दिया.
मंत्री के दबाव में अधिकारी ने की आत्महत्या: सदन को संबोधित करते हुए मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब स्टेट वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के जीएम गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या का मामला पुरजोर तरीके से उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर अपने करीबियों को टेंडर दिलाने के लिए रंधावा पर अनैतिक दबाव बना रहे थे. उन्होंने सनसनीखेज दावा किया कि अधिकारी को बंधक बनाकर जबरन वीडियो बनवाया गया, जिससे क्षुब्ध होकर उन्हें आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाना पड़ा.
गुंडाराज और धमकियों का बोलबाला: मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब में कानून व्यवस्था की बदहाली का जिक्र करते हुए कई अन्य घटनाओं को भी गिनाया. उन्होंने विधायक अमृतपाल सिंह सुखारा पर आरोप लगाया कि उन्होंने एसडीएम वालिया को गैंगस्टरों से मरवाने की धमकी दी. सांसद मीत हेयर की ओर से एसएचओ के माध्यम से किए गए उत्पीड़न से तंग आकर मनजिंदर सिंह नामक व्यक्ति ने सल्फास खाकर जान देने की कोशिश की. वहीं फरीदकोट में दो भाइयों द्वारा कर्ज और प्रशासनिक दबाव के कारण की गई आत्महत्या को भी उन्होंने पंजाब के ‘खौफनाक’ माहौल का प्रमाण बताया. उन्होंने सदन में कहा “आम आदमी पार्टी का सत्ता और पैसे का लालच इस कदर बढ़ गया है कि अब लोग लूटे ही नहीं जा रहे, बल्कि उनकी जानें भी जा रही हैं. पंजाब को इन्होंने बर्बाद कर दिया है.”
पंजाब के लोगों के प्रति समर्थन: मनजिंदर सिंह सिरसा ने इन सभी घटनाओं के लिए अरविंद केजरीवाल को सुपर सीएम बताते हुए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी घटनाओं के बाद भी विधिक कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? साथ ही उन्होंने पंजाब को अपना परिवार बताते हुए कहा कि जब तक वहां अत्याचार बंद नहीं होंगे, उनकी आवाज नहीं रुकेगी. दिल्ली विधानसभा ने इस प्रस्ताव को पारित कर पंजाब के लोगों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है.
