मुंबई: देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और छोटे उद्यमियों को बड़ी राहत देते हुए भारत सरकार ने सूक्ष्म वित्त संस्थानों (MFI) के लिए ₹20,000 करोड़ की एक नई ऋण गारंटी योजना को हरी झंडी दे दी है. शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को जारी एक आधिकारिक घोषणा के अनुसार, ‘सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिए ऋण गारंटी योजना 2.0’ (CGSMFI 2.0) का उद्देश्य इस क्षेत्र में नकदी (Liquidity) के संकट को दूर करना है.
नकदी के संकट से जूझ रहे थे संस्थान
पिछले कुछ समय से सूक्ष्म वित्त संस्थान धन जुटाने में भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे थे. समाज के सबसे निचले तबके को छोटे ऋण उपलब्ध कराने वाले ये संस्थान बढ़ते हुए फंसे कर्ज (NPA) के कारण दबाव में थे. इस स्थिति को देखते हुए व्यावसायिक बैंकों और बड़े वित्तीय संस्थानों ने एमएफआई को ऋण देने में अत्यधिक सतर्कता बरतनी शुरू कर दी थी, जिससे ग्रामीण ऋण प्रवाह लगभग थम सा गया था.
योजना की मुख्य शर्तें और समय सीमा
सार्वजनिक क्षेत्र की ‘नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी’ (NCGTC) द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, यह योजना एक सीमित अवधि के लिए है. इसके तहत सदस्य ऋणदाता संस्थानों (MLI) जैसे बैंकों द्वारा 30 जून 2026 तक दिए गए ऋणों को कवर किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि इस समय सीमा के भीतर या ₹20,000 करोड़ की सीमा पूरी होने तक अधिक से अधिक संस्थानों को सहायता पहुंचाई जाए.
आम आदमी और छोटे उधारकर्ताओं को इस योजना का सीधा लाभ मिले, इसके लिए सरकार ने ब्याज दरों पर सख्त शर्तें लागू की हैं:
- बैंकों के लिए: बैंक इन संस्थानों (MFI) को जो कर्ज देंगे, उसकी ब्याज दर ‘एक्सटर्नल बेंचमार्क आधारित उधार दर’ (EBLR) या ‘निधि लागत आधारित दर’ (MCLR) से अधिकतम 2 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकती.
- MFI के लिए: ऋण प्राप्त करने वाले संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने ग्राहकों (छोटे उधारकर्ताओं) को पिछले 6 महीनों की अपनी औसत ब्याज दर से कम से कम 1 प्रतिशत कम दर पर ऋण उपलब्ध कराएं.
आर्थिक प्रभाव और महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से सूक्ष्म वित्त क्षेत्र में नई जान आएगी. यह योजना केवल नए (Incremental) ऋणों पर लागू होगी, जिससे बाजार में नई पूंजी का संचार होगा. चूंकि एमएफआई सीधे तौर पर रेहड़ी-पटरी वालों, स्वयं सहायता समूहों और छोटे ग्रामीण व्यवसायों से जुड़े होते हैं, इसलिए इस योजना का व्यापक असर जमीनी स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में दिखेगा.
