उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जोरदार हमला बोलते हुए महिला सुरक्षा, सम्मान और आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया। मुख्यमंत्री ने 1995 के गेस्ट हाउस कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश की पहली दलित मुख्यमंत्री मायावती के साथ जो हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने उस समय बसपा नेता का समर्थन किया और दलित बेटी के सम्मान की रक्षा की। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने अपनी जान जोखिम में डालकर मायावती को सुरक्षित किया था। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2014 के बदायूं कांड का जिक्र करते हुए कहा कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा, लेकिन उस समय की सरकार ने महिलाओं के सम्मान को बढ़ावा देने के बजाय उसे हतोत्साहित किया।

