भारत को दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में गिना जाता है, लेकिन यही युवा शक्ति आज बेरोजगारी की गंभीर चुनौती से जूझ रही है। देश के बड़े शहरों की चमकदार सड़कों से लेकर छोटे कस्बों और तंग गलियों तक, काम की तलाश में भटकते युवा मिल जाएंगे। यह स्थिति केवल आर्थिक चिंता नहीं है, बल्कि सामाजिक असंतुलन और भविष्य की अनिश्चितता का संकेत भी है। बेरोजगारी का सवाल अब व्यक्तिगत समस्या से बढ़कर राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बन चुका है।राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध आंकड़े इस संकट की गंभीरता को और स्पष्ट करते हैं। विभिन्न श्रम सर्वेक्षणों और आर्थिक आकलनों के अनुसार, भारत में बेरोजगारी दर पिछले कुछ वर्षों में सात से आठ प्रतिशत तक चली गई है, जबकि 15 से 29 आयु वर्ग के युवाओं में यह दर 15 से 20 प्रतिशत तक पहुंच रही है। राज्य स्तर पर स्थिति और भी चिंताजनक दिखाई देती है। राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में युवा बेरोजगारी दर कई बार 20-25 प्रतिशत के आसपास तक दर्ज की गई है। यह अंतर बताता है कि क्षेत्रीय असमानताएं इस समस्या को और गहरा बना रही हैं।
Trending
- Qaumi Patrika Hindi, 4 October 2026
- Qaumi Patrika Hindi, 03 October 2026
- राजघाट पर PM मोदी ने किया बापू को नमन, CM योगी ने गांधी-शास्त्री के संदेश को बताया आज भी प्रासंगिक
- UP BJP: अनुसूचित मोर्चा में बड़ा फेरबदल, 43 पदाधिकारियों की नई टीम घोषित; 12 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री को जिम्मेदारी
- दिल्ली में अचानक बढ़ी सख्ती, 11 मेट्रो स्टेशन बंद और धारा 163 लागू; इन रास्तों पर भी ट्रैफिक डायवर्ट
- गंगा ने बढ़ाई चिंता: घरों में घुसा पानी, छतों और सड़क किनारे शरण ले रहे लोग, खतरे के निशान से महज 19 सेमी दूर
- वोटर लिस्ट में नाम छूटा तो अब घर पहुंचेगा BLO! पहली बार वोटरों के लिए चुनाव आयोग का विशेष अभियान
- Qaumi Patrika Hindi, 2 Oct 2026

