लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सिंगापुर और जापान का चार दिवसीय विदेश दौरा निवेश, तकनीक और वैश्विक साझेदारी के लिहाज़ से अभूतपूर्व रूप से सफल रहा। इस दौरान हुए उच्चस्तरीय निवेश संवादों में उत्तर प्रदेश सरकार ने 1.5 लाख करोड़ के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जबकि 2.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। यह दौरा वर्ष 2029–30 तक उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक निर्णायक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
जापान दौरे के दौरान कृषि मशीनरी, ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग जैसे भविष्य के क्षेत्रों में बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए। जापान में जिन प्रमुख कंपनियों के साथ एमओयू हस्ताक्षरित हुए, उनमें कुबोटा कॉरपोरेशन, स्पार्क मिंडा (टोयो डेन्सो के सहयोग से), जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री और नागासे एंड कंपनी लिमिटेड शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, बी 2जी (सरकार से सरकार) बैठकों में सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन, होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड, कोनोइके ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड, मित्सुई एंड कंपनी लिमिटेड, रैपिडस कॉरपोरेशन, मारुबेनी कॉरपोरेशन, सुमितोमो रियलिटी एंड डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड और एमयूएफजी बैंक जैसी दिग्गज कंपनियों ने सहभागिता की। इन कंपनियों ने उत्तर प्रदेश को एशिया का उभरता हुआ निवेश केंद्र बताते हुए राज्य में दीर्घकालिक निवेश में रुचि जताई।
जापान दौरे की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में ग्रीन हाइड्रोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की घोषणा की गई। यह केंद्र यूनिवर्सिटी ऑफ यामानाशी, यामानाशी हाइड्रोजन कंपनी, आईआईटी कानपुर, हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी, आईआईटी बीएचयू और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सहयोग से स्थापित किया जाएगा। इससे स्वच्छ ऊर्जा, तकनीकी अनुसंधान और कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी।
‘जापान सिटी’ और ऑटो क्लस्टर की योजना
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में 500 एकड़ में ‘जापान सिटी’ विकसित की जाएगी, जहां जापानी कंपनियों के लिए विशेष औद्योगिक वातावरण तैयार होगा। इसके साथ ही ऑटो ओईएम और कंपोनेंट निर्माताओं के लिए डेडिकेटेड ऑटो क्लस्टर और आरएंडडी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। ‘इन्वेस्ट यूपी’ में जापान डेस्क को और मजबूत किया जाएगा, जिसकी निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने एल-जीरो सीरीज मैग्लेव ट्रेन की यात्रा और फानुक कॉरपोरेशन के रोबोटिक्स व फैक्ट्री ऑटोमेशन संयंत्र का भी दौरा किया। फानुक ने उत्तर प्रदेश में निवेश और एमएसएमई सेक्टर के तकनीकी उन्नयन में सहयोग की इच्छा जताई।
सिंगापुर में भी मिला निवेशकों का भरोसा
सिंगापुर में आयोजित इन्वेस्टर रोड शो के दौरान एमआरओ, कार्गो हब, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, स्किलिंग और फिनटेक क्षेत्रों में व्यापक सहयोग पर सहमति बनी। विशेष रूप से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को एमआरओ और कार्गो हब के रूप में विकसित करने पर सकारात्मक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के इस दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश आज वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुका है। ₹1.5 लाख करोड़ के एमओयू और ₹2.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव इस बात का प्रमाण हैं कि प्रदेश का वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य अब ठोस धरातल पर आगे बढ़ रहा है।

