लखनऊ: लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की महत्वाकांक्षी परियोजना ग्रीन कॉरिडोर का दूसरा चरण लगभग तैयार है, लेकिन शहरवासियों को इस नई जीवन रेखा के खुलने का इंतजार अभी और बढ़ गया है। उद्घाटन की तारीख एक बार फिर स्थगित कर दी गई है, जिससे अब यह मार्च में ही संभव लग रहा है।
पहले योजना थी कि 25 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर इसका लोकार्पण हो जाएगा, लेकिन विभिन्न कारणों से कार्यक्रम टल गया। इसके बाद 28 फरवरी को नई तारीख तय की गई थी, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में इस कॉरिडोर को जनता के लिए खोला जाना था।
लेकिन अंतिम समय में रक्षा मंत्री का लखनऊ दौरा रद्द हो गया। अचानक बढ़ी व्यस्तता के चलते पूरा कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। रक्षा मंत्री के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम रद्द नहीं हुआ है, बल्कि केवल टाला गया है। उन्होंने बताया कि अगले दो सप्ताह के अंदर नई तारीख की घोषणा होने की संभावना है। उस दिन रक्षा मंत्री के साथ अन्य कई विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन प्रस्तावित था, जो अब स्थगित हो गए हैं।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत
ग्रीन कॉरिडोर को पुराने और नए लखनऊ को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। इसके शुरू होने से न सिर्फ यात्रा दूरी में काफी कमी आएगी, बल्कि शहर के प्रमुख इलाकों में लगने वाले जाम से भी बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल समता मूलक चौराहे से निशातगंज और हनुमान सेतु मंदिर पार्किंग से पहले गोमती पुल तक का हिस्सा बंद है। उद्घाटन के बाद इस पूरे सेक्शन को आम वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
एलडीए अधिकारियों का अनुमान है कि इस कॉरिडोर के खुलने से रोजाना करीब एक लाख लोगों को सीधा फायदा होगा। ट्रैफिक का बोझ कम होने से समय की बचत के साथ ईंधन खर्च और प्रदूषण में भी कमी आएगी।

