Haryana Elections: चुनावी राज्य हरियाणा की सिरसा विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी रोहताश जांगड़ा ने सोमवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। सूत्रों की मानें तो पार्टी अब इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार गोपाल कांडा का समर्थन करेगी।
Highlights
- BJP उम्मीदवार ने वापस लिया नामांकन
- Haryana Elections के मैदान में BJP के 89 उम्मीदवार
- विधानसभा सीट को लेकर BJP कार्यालय में हुई बैठक
BJP उम्मीदवार रोहताश जांगड़ा ने आखिरी दिन वापस लिया नामांकन
हरियाणा की सिरसा विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी रोहताश जांगड़ा ने अपना नामांकन वापस ले लिया। नामवापसी के बाद 89 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। सोमवार की सुबह बीजेपी ने पार्टी की गुप्त मीटिंग बुलाई और उसके बाद सिरसा विधानसभा सीट से प्रत्याशी वापस लेने का फैसला किया। नामांकन वापसी का ऐलान करते हुए रोहतास जांगड़ा ने कहा कि उन्होंने पार्टी के फैसले का सम्मान करते हुए यह फैसला किया है।

BJP करेगी HLP के उम्मीदवार गोपाल कांडा का समर्थन?
उल्लेखनीय है कि राज्य में 5 अक्टूबर को एक ही चरण में होने वाले चुनाव(Haryana Elections) के लिए नामांकन वापस लेने का आज अंतिम दिन था। भाजपा प्रत्याशी ने ऐन मौके पर नाम वापस ले लिया। सत्तारूढ़ भाजपा ने राज्य की सभी 90 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन अब उसके 89 उम्मीदवार ही मैदान में रह गए हैं। हरियाणा चुनाव के नामांकन वापसी के अंतिम दिन बीजेपी ने यह खेल किया है। बीजेपी ने हरियाणा लोकहित पार्टी (HLP) के उम्मीदवार गोपाल कांडा के समर्थन करने का फैसला लिया है। समझौते के तहत गोपाल कांडा रानिया सीट से अपना उम्मीदवार वापस लेंगे।

संगठन का आदेश के कारण वापस लिया नामांकन- रोहताश जांगड़ा
भाजपा नेता रोहताश जांगड़ा ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया, नामांकन वापस लेने की कोई खास वजह नहीं है। भारतीय जनता पार्टी ने पहले टिकट दिया था, अब संगठन का आदेश था, इसलिए अपना नामांकन वापस लिया। भाजपा नेता ने आगे बताया कि 1994 के अंदर उन्होंने जिला परिषद का चुनाव लड़ा था। इसके बाद 2009 में विधानसभा का चुनाव लड़ा। वह 45 साल से पार्टी संगठन से जुड़े हैं, और नामांकन वापसी को लेकर पार्टी से कोई गिला-शिकवा नहीं है।
रोहताश जांगड़ा 1980 से हैं भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता
मामले को लेकर सिरसा से पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि रोहताश जांगड़ा 1980 से भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता हैं। उनका पूरा परिवार भाजपा को समर्पित है। पहले पार्टी ने उनको टिकट दिया और फिर नाम वापसी का निर्णय लिया। प्रदेश में भाजपा का एक ही लक्ष्य है कि लगातार तीसरी बार नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बने। आगे की रणनीति बाद में बनाई जाएगी।
गोपाल कांडा के भाई ने भी रिजेक्ट करवाया नामांकन
आपको बता दें कि एक दिन पहले ही फतेहाबाद से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरने वाले सिरसा के बीजेपी नेता गोबिंद कांडा का नामांकन शुक्रवार को रिजेक्ट हो गया था। छंटनी के दौरान गोबिंद कांडा समेत आठ प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हुए हैं, जिनमें अधिकतर कवरिंग कैंडिडेट थे। नामांकन के दिन ही रात को 12 बजे तक उन्हें रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय में पहुंचकर शपथ पत्र लेना था। उसके बाद नामांकन प्रक्रिया पूरी होती है। लेकिन रात 12 बजे और शुक्रवार सुबह भी वे नामांकन कार्यालय नहीं आए, जिसके बाद उनका नॉमिनेशन रिजेक्ट कर दिया गया। गोबिंद कांडा, गोपाल कांडा के भाई हैं।
विधानसभा सीट को लेकर भाजपा कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक
नामांकन वापसी के समय रोहताश जांगड़ा के साथ मौके पर डॉ. अशोक तंवर समेत कई भाजपा नेता मौजूद थे। इस विधानसभा सीट को लेकर भाजपा कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक रखी गई है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी यहां निर्दलीय गोपाल कांडा को समर्थन दे सकती है।
गौरतलब है कि 90 विधानसभा सीटों वाले हरियाणा में एक चरण में ही पांच अक्टूबर को मतदान होना है। सभी के नतीजे एक साथ आठ अक्टूबर को सामने आएंगे।

