नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के घर गणेश पूजन समारोह में भाग लिया था। इस समारोह को लेकर विवाद उठने के बाद, पीएम मोदी ने मंगलवार को अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि गणेश पूजा से कांग्रेस और उसके समर्थकों को परेशानी हो रही है।
गणेश पूजा पर कांग्रेस का विरोध
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि समाज को बांटने और तोड़ने की राजनीति में लगे कुछ लोगों को गणेश पूजा से असहजता हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गणेश पूजन में शामिल होने की वजह से कांग्रेस और उनके समर्थकों को गहरी नाराजगी हुई है। मोदी ने कहा, “कांग्रेस और उसके ईकोसिस्टम के लोग इसलिए परेशान हैं क्योंकि मैंने गणेश पूजन में हिस्सा लिया।” प्रधानमंत्री ने कर्नाटक में भगवान गणेश की प्रतिमा को सलाखों के पीछे डालने की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं नफरती सोच को प्रोत्साहित करती हैं और समाज में जहर घोलती हैं, जो देश के लिए खतरनाक है। मोदी ने यह भी कहा कि ऐसी मानसिकता पर अंकुश लगाना आवश्यक है और इन ताकतों को आगे बढ़ने से रोकना चाहिए।
गणेश उत्सव का ऐतिहासिक महत्व
पीएम मोदी ने गणेश उत्सव को केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि जब ब्रिटिश सरकार देश को जातियों के नाम पर विभाजित करने और समाज में जहर फैलाने की कोशिश कर रही थी, तब गणेश उत्सव ने आजादी की लड़ाई में एक अहम भूमिका निभाई थी।

