बांग्लादेश में 27 फरवरी (शुक्रवार) को भूकंप के झटके महसूस किए गए. बंगाल की खाड़ी के निकटवर्ती क्षेत्रों में शुक्रवार दोपहर आए तेज भूकंप के झटकों ने कोलकाता सहित पूरे दक्षिण बंगाल को हिला कर रख दिया। दोपहर करीब 1.22 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.5 मापी गई। कंपन इतना तेज था कि लोग दफ्तरों और घरों से निकलकर जान बचाने के लिए सड़कों की ओर दौड़ पड़े। बांग्लादेश में भूकंप के झटके महसूस किए. जिससे लोगों में दहशत महसूस की गई. लोग घरों और दफ्तरों से निकलकर सड़कों पर आ गए.
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.5 महसूस की गई. भूकंप के झटकों से सहमे लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए. इसका असर कोलकाता से लेकर पश्चिम बंगाल के कई जिलों में देखने को मिला.
भूकंप का केंद्र बांग्लादेश में रहा. ढाका समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. बांग्लादेशी मौसम विभागके मुताबिक भूकंप का केंद्र सतखिरा जिले के असशशुनी उपजिला था. भूकंप का केंद्र ढाका के अगरगांव स्थित मैसम विज्ञान विभाग के कार्यालय से 188 किलोमीटर दूर था. जमीन से महज 9.8 किलोमीटर नीचे केंद्र होने के कारण झटके काफी तीव्र महसूस किए गए।
पश्चिम बंगाल में कोलकाता के अलावा कई और हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. झटकों के चलते दहशत फैल गई और लोग आनन-फानन में अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए. किसी की भी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है.
कई दफ्तरों में कर्मचारियों ने भूकंप की तीव्रता भांपते ही परिसर खाली कर दिए और खुले स्थानों पर जमा हो गए. कई वीडियो सामने आए हैं जिनमें भूकंप के बाद लोग खुली जगह पर जमा नजर आए. शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, भूकंप का असर ऊंची इमारतों में ज्यादा महसूस किया गया.शहर के कई हिस्सों में लोगों ने फर्नीचर और छत के पंखों के हिलने की जानकारी दी.
कोलकाता के अलावा हावड़ा, हुगली, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर में भी जोरदार कंपन हुआ। मध्य कोलकाता के मेटकाफ स्ट्रीट इलाके में एक बहुमंजिला इमारत के झुकने की खबर से हड़कंप मच गया, जिसके बाद तुरंत दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।

