क्या भारत ऐतिहासिक ‘डबल’ (दो बड़े खिताब एक साथ जीतना) पूरा कर पाएगा? क्या ऑस्ट्रेलिया अपनी खोई हुई जगह वापस पा सकेगा? क्या हमेशा अंतिम पड़ाव पर चूकने वाला दक्षिण अफ्रीका इस बार सुर्खियां बटोरेगा? या कोई कमजोर मानी जाने वाली टीम रोमांचक जीत हासिल करेगी? इंग्लैंड में 12 जून से शुरू हो रहे आईसीसी महिला टी20 विश्व कप के 10वें सत्र में कई रोमांचक संभावनाएं हैं और पीटीआई दावेदारों और उनकी चुनौतियों पर नजर डाल रहा है। पिछले साल एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विश्व कप जीतने के बाद भारत टी20 प्रारूप में जीत दर्ज करके शानदार ‘डबल’ पूरा करने के लिए उत्सुक होगा। ऐसा कारनामा सिर्फ ऑस्ट्रेलिया ही कर पाया है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम में ऐसा करने की क्षमता है जैसा कि पिछले छह महीने में श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में उनकी जीत से साबित हुआ है। लेकिन दक्षिण अफ्रीका (4-1) और इंग्लैंड (2-1) के खिलाफ उनकी सरजमीं पर भारत को हार झेलनी पड़ी। टीम को तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर अमनजोत कौर की कमी भी खलेगी जो इंग्लैंड की परिस्थितियों में अहम भूमिका निभा सकती थीं। भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि बल्लेबाज शुरू से ही लय पकड़ लेंगी और रेणुका सिंह, अरुंधति रेड्डी और क्रांति गौड़ की तेज गेंदबाजी तिकड़ी शानदार स्पेल डाल पाएंगी। स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत, दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष जैसी कुछ प्रमुख खिलाड़ियों ने ‘द हंड्रेड’ और ‘किया सुपर लीग’ में खेला है और वह अनुभव काम आएगा।
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