सोहावल/अयोध्या, । जाम की समस्या से सोहावल उबर नहीं पाया। जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक से सामाजिक संगठनों, सभासदों और इलाके के जागरूक लोगों ने गुहार की, अपनी शिकायत से अवगत कराया लेकिन हालात जस के तस बने रह गए। आज तक इससे लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए शासन प्रशासन की ओर से कोई कदम उठाया ही नहीं गया।
इस जाम का शिकार न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं की एंबुलेंस होती आ रही है अपितु तहसील से जुड़े मजिस्ट्रेट तक के वाहन फंस जाते हैं लेकिन इन अधिकारियों को जरा सा भी एहसास नहीं होता। सोहावल चौराहा और रेलवे क्रॉसिंग पर जाम में फंसने के डर से अब लोगों ने सुचित्तागंज जैसी व्यस्त बाजार का रास्ता बदल लिया है।
खरीद फरोख करने वालों के लिए शहर जाकर लौट आना आसान है लेकिन नगर पंचायत की इस बाजार तक जाकर लौटना भारी पड़ने लगा है। इन दोनों स्थान पर लगने वाला जाम कभी-कभी घंटा भर से ज्यादा का समय बर्बाद कर देता है।
गुहार पहले समाधान दिवस पर आए नवागत जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह से भी की गई समाधान का भरोसा मिला लेकिन हालात नहीं बदले। सीएचसी की एंबुलेंस हो या सरकारी अधिकारी। सभी इस जाम के शिकार होते आ रहे हैं। इलाकाई विधायक, सांसद, नेता सभी इसी की चपेट में आकर गुजरते हैं लेकिन आम आदमी की पीड़ा इन्हें महसूस नहीं होती।

