कांग्रेस ने ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को संगम में स्नान से कथित तौर पर रोके जाने की निंदा करते हुए सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार पर एक संत का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि पूरा देश देख रहा है कि भाजपा के शासन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को ‘जेड प्ल’ श्रेणी की सुरक्षा मिलती है, लेकिन एक शंकराचार्य के साथ इस तरह का सुलूक किया जा रहा है। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में यह दावा भी किया कि यदि प्रधानमंत्री हस्तक्षेप नहीं करते हैं और हिंदुओं से माफी नहीं मांगते हैं तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि वह ‘सनातनी’ नहीं, ‘धनातनी’ हैं।
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