Chhattisgarh Budget 2024: राज्यपाल का अभिभाषण अंग्रेजी में होने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आपत्ति जताई. साथ ही उन्होंने कहा कि अभिभाषण में बहुत सारे विषयों का उल्लेख नहीं किया गया है. राज्यपाल के अभिभाषण में कई योजनाओं का जिक्र है, जबकि जनता को अब तक इसका फायदा नहीं मिला है.
Bhupesh Baghel Reaction on Governor’s Address: छत्तीसगढ़ विधानसभा (CG Assembly) का बजट सत्र सोमवार को शुरू हो गया है. सत्र (CG Budget Session) की शुरुआत राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन (Governor Biswabhusan Harichandan) के अभिभाषण से हुई. जिसमें उन्होंने सरकार की तमाम उपलब्धियां गिनाई. वहीं राज्यपाल का अभिभाषण अंग्रेजी में होने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने आपत्ति जताई. साथ ही उन्होंने कहा कि अभिभाषण में बहुत सारे विषयों का उल्लेख नहीं किया गया है. राज्यपाल के अभिभाषण में कई योजनाओं का जिक्र है, जबकि जनता को अब तक इसका फायदा नहीं मिला है. पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि राजिम पुन्नी मेला राजपत्र में प्रकाशित किया जा चुका है, लेकिन राज्यपाल के अभिभाषण में इसके बदले गए नाम का जिक्र किया गया है.
योजनाएं अभी तक नहीं हुईं लागू
भूपेश बघेल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अभिभाषण में मोदी की गारंटी की बात की गई है, जबकि न तो किसानों को पैसा दिया गया और न ही महतारी वंदन के तहत राज्य की महिलाओं को पैसा मिला. उन्होंने कहा कि विधानसभा के पिछले सत्र में महतारी वंदन योजना की बात बढ़ चढ़कर की गई थी, लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया गया है. इसका जिक्र राज्यपाल के अभिभाषण में किया गया, लेकिन एक भी महिला को लाभ नहीं मिला है.
इसके साथ ही भूपेश बघेल ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यह सरकार सिर्फ होर्डिंग में है. सरकार धान का खरीदी मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल नहीं दे रही. किसान दर-दर भटक रहे हैं. उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त सरकार में नहीं दी है. वहीं योजनाओं के नाम बदलने को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि इस सरकार का काम ही यही है, योजनाओं का नाम बदल दिया जाता है.
विपक्ष को टोका-टाकी से बचना चाहिए: ओपी चौधरी
राज्यपाल का अभिभाषण अंग्रेजी भाषा में होने को लेकर भूपेश बघेल के बयान पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि विपक्ष को सदन की मर्यादा का पालन करना चाहिए. टोका-टाकी करना ठीक नहीं है, चर्चा के लिए निर्धारित समय है, उसमें बात रखनी चाहिए. इसके साथ ही वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कृषक उन्नति योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को अंतर की राशि मिलेगी. इसके लिए तृतीय अनुपूरक बजट में करीब 12 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
इस योजना के तहत किसानों को धान के समर्थन मूल्य से 3100 रुपये के बीच के अंतर की राशि दी जाएगी. धान किसानों को करीब 900 रुपये प्रति क्विंटल अंतर की राशि मिलनी है. वहीं बजट में आय और व्यय की असमानता को लेकर ओपी चौधरी ने कहा कि पहले की सरकार अपने लिए व्यवस्था करती थी, और छत्तीसगढ़ सरकार दिल्ली का एटीएम था. जिसको यहां से पैसा पहुंचाया जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, अब यहां का पैसा यहीं रहेगा.
Post Views: 151