केंद्र ने चीनी कारोबारियों के लिए भंडारण सीमा को मंगलवार को और कड़ा करते हुए इसे 4,000 क्विंटल से घटाकर 2,000 क्विंटल कर दिया। यह सीमा 15 सितंबर से 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगी। सरकार ने यह कदम चीनी की ऊंची खुदरा कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए उठाया है।खाद्य मंत्रालय ने बयान में कहा कि एक अगस्त से लागू 4,000 क्विंटल की भंडारण सीमा कोलकाता और उसके आसपास शहरी व उपनगरीय इलाकों की। क्षेत्र विशिष्ट बाजार ‘जरूरतों को देखते हुए’ अपरिवर्तित रहेगी। मंत्रालय ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा जमाखोरी एवं सट्टेबाजी पर रोक लगाना है। संशोधित नियमों के तहत कोई कारोबारी चीनी प्राप्त होने की तारीख से 30 दिन से अधिक समय तक उसका भंडार नहीं रख सकता।
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