हिंसक प्रदर्शनों के बीच ईरान में जारी अशांति से भारत की महत्वपूर्ण क्षेत्रीय कनेक्टिविटी परियोजना को एक बार फिर गहरा झटका लगा है। एक रिपोर्ट के अनुसार ईरान के चाबहार पोर्ट को बनाने में भारत की 10 वर्ष पुरानी भागीदारी लगभग खत्म हो गई है। उल्लेखनीय है कि भारत के लिए ईरान का चाबहार बंदरगाह एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। वहीं अब चाबहार पोर्ट पर भारतीय विदेश मंत्रायल ने बड़ा बयान दिया है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को प्रेस कॉफ्रेंस में कहा, ‘28 अक्टूबर 2025 को, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने सशर्त प्रतिबंधों में छूट के बारे में गाइडेंस देते हुए एक पत्र जारी किया, जो 26 अप्रैल, 2026 तक वैध है। हम इस व्यवस्था पर काम करने के लिए अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत कर रहे हैं।’
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