FCRA संशोधन बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी तनातनी के बीच बसपा प्रमुख मायावती ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाए हैं। बिल को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजे जाने के बाद मायावती ने कहा कि विपक्ष को संसद चलने देना चाहिए था, ताकि विधेयक की कमियों पर सदन में चर्चा हो सकती।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में कहा कि सरकार FCRA संशोधन बिल को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए अन्य विधेयकों की तरह जल्द पारित कराना चाहती थी। हालांकि, विपक्ष के जोरदार विरोध के बीच संसद में प्रारंभिक चर्चा के बिना ही इसे JPC को भेज दिया गया।

