नई दिल्ली। ऑनलाइन और मोबाइल गेमिंग के बढ़ते दुष्प्रभावों के विरोध में नेशनल अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा की अध्यक्षता में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने वेस्ट दिल्ली के सुभाष नगर चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “ऑनलाइन गेम्स बैन करो”, “बच्चों का भविष्य मत बिगाड़ो” और “ऑनलाइन गेम बनी बच्चों की हथियारण” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ऑनलाइन गेमिंग पर रोक लगाने की मांग वाले बैनर भी थे।
धरने को संबोधित करते हुए परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग बच्चों के भविष्य को बर्बाद कर रही है और कई मामलों में यह जानलेवा भी साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि बच्चे ऑनलाइन गेम्स की लत में इस कदर फंस जाते हैं कि मना करने पर वे आत्मघाती कदम उठा लेते हैं या अपने परिवार पर हमला तक कर देते हैं। लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं।
पम्मा ने सरकार से मांग की कि बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाले ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स पर कड़ी निगरानी रखी जाए और जरूरत पड़ने पर उन पर प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए न्यूनतम आयु सीमा तय करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि कई देशों में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से जुड़ने की अनुमति नहीं है, भारत में भी इस दिशा में ठोस नीति बनाई जानी चाहिए।
उन्होंने स्कूलों से भी अपील की कि बच्चों को मोबाइल फोन पर होमवर्क देने की परंपरा पर रोक लगाई जाए, क्योंकि इससे बच्चों को मोबाइल इस्तेमाल करने का बहाना मिल जाता है और वे पढ़ाई के नाम पर ऑनलाइन गेमिंग व अन्य ऐप्स की लत में पड़ जाते हैं। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर पार्कों व खेल के मैदानों में भेजने और उनके मोबाइल उपयोग पर नजर रखने की अपील की।
नेशनल अकाली दल महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष भावना धवन और रश्मीत कौर बिंद्रा ने ऑनलाइन बेटिंग और जुए से जुड़े गेम्स पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे गेम्स लत लगाने वाले होते हैं और लोगों को आर्थिक व मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने इन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की।
हरमिंदर पाल सिंह बक्शी और इंद्रजीत सिंह अष्ट ने कहा कि सरकार को ऑनलाइन गेमिंग के दुष्प्रभावों को देखते हुए सख्त कानून बनाने चाहिए ताकि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके। प्रदर्शन में राजेश चौहान, रूबी जिंदल, बलबीर सिंह, बलविंदर सिंह सरना, जसविंदर सिंह सभरवाल, जसवीर सिंह सरना, आफरीन, वरिंदर आर्य, सुनीता अरोड़ा, रूप सिंह गोसाई, रिदम चढ़ा, रोजी विरमानी, सुखविंदर सिंह, पंकज छाबड़ा, अमर गुप्ता, अजय मेहरा, तरुण सोनी सहित अनेक लोग शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।

