दिल्ली-एनसीआर में कई जगहों पर खुले गड्ढों में गिरकर लोगों की मौत के मामलों के बाद सरकार ने सड़क सुरक्षा मानकों को और सख्त करने की दिशा में नई पहल शुरू करने का फैसला किया है। अधिकारियों के मुताबिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाली सरकारी और निजी एजेंसियों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि निर्माण कार्यों के दौरान आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सरकार ने कहा है कि सड़कों पर खुदाई या निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। इसके तहत निर्माण स्थलों पर उचित बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर और रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करना जरूरी होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जहां कहीं भी गड्ढे या खुदाई का काम चल रहा हो, वहां आम लोगों के लिए वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया जाए।
अधिकारियों का कहना है कि इन निर्देशों का पालन न करने वाली एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण करने और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों या ठेकेदारों पर जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
केंद्र सरकार के इस ऐप का इस्तेमाल करें एजेंसियां
जारी आदेश में कहा गया है कि सभी एजेंसियां सड़क कटिंग और गड्ढों से जुड़ी जानकारी दर्ज करने के लिए CBUD (Call Before You Dig) नामक केंद्र सरकार के मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करें। यह ऐप खासतौर पर सड़क खुदाई और उससे जुड़े कामों की जानकारी साझा करने के लिए तैयार किया गया है। सरकार का कहना है कि इस ऐप पर रोड कटिंग और गड्ढों से जुड़ी सभी जानकारियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी, जिससे विभिन्न विभागों और एजेंसियों को समय पर जानकारी मिल सकेगी। इससे निर्माण कार्य के दौरान बेहतर समन्वय बनेगा और सुरक्षा उपायों को लागू करना भी आसान होगा। इसके अलावा, इस ऐप के जरिए सड़क कटिंग की अनुमति लेने और देने की प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और आसान हो जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, इससे अनियोजित खुदाई, दुर्घटनाओं और गड्ढों से होने वाली घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, फरवरी के पहले सप्ताह में जनकपुरी में एक युवक की गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। इससे पहले नोएडा में भी इसी तरह का हादसा सामने आया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दिल्ली स्टेट ब्रॉडबैंड कमेटी की बैठक बुलाई। इस बैठक में पीडब्ल्यूडी, दिल्ली जल बोर्ड, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, एनडीएमसी, एमसीडी, डूसिब समेत कई सरकारी एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए चीफ सेक्रेटरी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाली हर एजेंसी सड़क खुदाई से जुड़ी पूरी जानकारी CBUD ऐप पर अपलोड करे।
अधिकारियों का कहना है कि इस ऐप पर जानकारी उपलब्ध होने से अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनेगा और यह पता चल सकेगा कि किस इलाके में कब और किस विभाग द्वारा खुदाई का काम किया जा रहा है। इससे बिना योजना के खुदाई और खुले गड्ढों की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
एक ऐप पर मिलेगी सारी जानकारी
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक फरवरी के पहले सप्ताह में जनकपुरी में एक युवक की गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। इससे पहले नोएडा में भी इसी तरह का हादसा सामने आया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद दिल्ली स्टेट ब्रॉडबैंड कमेटी की बैठक बुलाई गई, जिसमें पीडब्ल्यूडी, दिल्ली जल बोर्ड, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, एनडीएमसी, एमसीडी और डूसिब सहित कई एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में चीफ सेक्रेटरी ने निर्देश दिया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाली सभी एजेंसियां खुदाई और गड्ढों से जुड़ी जानकारी CBUD ऐप पर अपलोड करें। इससे अन्य एजेंसियों को भी इन गड्ढों की जानकारी मिल सकेगी और वहां सड़क सुरक्षा मानकों के अनुसार जरूरी इंतजाम किए जा सकेंगे। इसके अलावा जो एजेंसियां बिना अनुमति के सड़क काटकर गड्ढे खोद देती हैं, उनकी जानकारी भी इस प्लेटफॉर्म के जरिए संबंधित विभागों को मिल सकेगी। इससे रोड कटिंग की अनुमति देने की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता आएगी।
चीफ सेक्रेटरी ने यह भी आदेश दिया है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स में गड्ढों और खुदाई की जानकारी उपलब्ध कराने की इस व्यवस्था को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) और टेंडर पॉलिसी का हिस्सा बनाया जाए। इस प्रक्रिया को अनिवार्य किया जाएगा ताकि कोई एजेंसी यह कहकर जिम्मेदारी से बच न सके कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी।

