आरोपियों की पहचान उजागर करने वाली या उन्हें अमानवीय और अपमानजनक तरीके से पेश करने वाली ऑनलाइन सामग्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम कदम उठाया है। न्यायालय ने ऐसी सामग्री पोस्ट करने से पुलिस संगठनों को रोकने की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार, सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Meta तथा X से जवाब मांगा है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने याचिकाकर्ता हेमेंद्र पटेल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन की दलीलों पर गौर करते हुए नोटिस जारी किए।

