अमृत विचार : विधान परिषद में उप मुख्यमंत्री व विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने बजट सत्र के दौरान दावा किया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस के राहुल गांधी ने कोरोना बचाव में चुपके-चुपके वैक्सीन लगवायी थी, सपा सदस्यों ने विरोध जताया तो नेता सदन ने साक्ष्य स्वरूप फोटो प्रस्तुत करने की बात कही।
बजट सत्र के दौरान सोमवार को प्रश्नकाल के बाद शाहनवाज खान समेत सपा सदस्यों ने नियम-105 अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के गिरते स्तर मुद्दा उठाया। मुकुल यादव ने कहा कि मरीजों को अपेक्षित इलाज नहीं मिल रहा है, सरकारी अस्पतालों में 38 प्रतिशत चिकित्सक व 46 प्रतिशत नर्सेस की कमी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 45 फीसदी मरीजों को वार्ड में भर्ती करने की सुविधा नहीं है। जवाब में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के मूलमंत्र के साथ स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत कर रही है। प्रदेश में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। मेडिकल कॉलेजों में विलय हुए जिला अस्पतालों सहित पीएचसी और सीएचसी में सुविधाएं पहले से बेहतर हुई हैं। जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है, वहां निजी क्षेत्र की भागीदारी से एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री आरोग्य योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार गरीबों को मुफ्त और सस्ती चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने दोहराया कि सरकार बिना भेदभाव सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। इसी के साथ समापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने कार्य स्थगन अस्वीकार कर दिया।
इसके पूर्व प्रश्न काल में शिक्षक नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा वर्ष 2023-24 में बिजनेस प्लान के अन्तर्गत आवंटित रुपये से पूर्व में हुए कार्यों को लेकर सवाल पूछे। ऊर्जा मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होने पर सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने पूर्ण कार्य की जांच कराकर सूची सदन के पटल पर रखवाने के निर्देश दिये। इसके अलावा ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कोरोना महामारी को देखते हुए सेवानिवृत्त सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों एवं राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों को छोड़ करके काटे गये राहत भत्तों का सवाल किया था, सत्ता पक्ष के जवाब में संतुष्ट न होने पर सभापति ने इसे दिखवा लेने के सरकार को निर्देश दिये।
शून्यकाल में निर्दलीय सदस्य राजबहादुर सिंह चंदेल एवं डॉ. आकाश अग्रवाल ने उन्नाव के परिषदीय विद्यालयों से सेवानिवृत्त शिक्षक, कर्मचारियों को पेंशन गणना में एक नोशनल वेतनवृद्धि का लाभ दिलाये जाने की सूचना दी, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के जवाब के बाद सभापति ने सरकार को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेज दिया । तत्पश्चात सदन में ध्वनिमत से राज्यपाल के अभिभाषण के लिये धन्यवाद पारित हो गया।

