नई दिल्ली। कांग्रेस ने सेबी अध्यक्ष माधबी बुच पर नए सिरे से हितों के टकराव का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को दावा किया कि उन्हें एक ऐसी कंपनी से संबद्ध इकाई से किराये की आय प्राप्त हुई, जिसके बारे में पूंजी बाजार नियामक ‘इनसाइडर ट्रेडिंग’ सहित विभिन्न आरोपों की जांच कर रहा है। कांग्रेस महासचिव एवं पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि यह सवाल किसी और से नहीं बल्कि वास्तव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पूछा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जहां तक पूंजी बाजार नियामक का सवाल है तो पारदर्शिता और निष्ठा के पतन को दिखाने के लिए और कितने सबूतों की जरूरत है। रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा, ‘‘एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, अब 10 करोड़ भारतीय ऐसे हैं जिनके पास विशिष्ट पैन हैं और जिन्होंने इस बाजार में किसी न किसी रूप में निवेश किया हुआ है। क्या वे इससे बेहतर के हकदार नहीं हैं? वह आगे क्यों नहीं बढ़ते? उन्हें किस बात का डर है?’’
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि 2018 से 2024 के बीच बुच को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्णकालिक सदस्य और बाद में अध्यक्ष के रूप में वॉकहार्ट लिमिटेड से संबद्ध कंपनी ‘कैरोल इन्फो सर्विसेज लिमिटेड’ से 2.16 करोड़ रुपये की किराये के रूप में आय हुई। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वॉकहार्ट लिमिटेड की 2023 के दौरान ‘इनसाइडर ट्रेडिंग’ सहित विभिन्न मामलों में सेबी द्वारा जांच की जा रही है।

