नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व सांसद गौतम गंभीर ने दिल्ली हाईकोर्ट से अपने व्यक्तित्व के अधिकारों की रक्षा की मांग करने वाली याचिका वापस ले लिया है. गौतम गंभीर की ओर से पेश वकील जय अनंत देहादराय ने जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच के समक्ष याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया.
इसके पहले 20 मार्च को हाईकोर्ट ने गौतम गंभीर को अपनी याचिका में सुधार करने का निर्देश दिया था. सुनवाई के दौरान गौतम गंभीर की ओर से पेश वकील जय अनंत देहादराय ने कहा था कि गौतम गंभीर को लेकर बिना अनुमति के भ्रामक कंटेंट परोसे जा रहे हैं. कभी कहा जाता है कि गंभीर ने त्यागपत्र दे दिया. कभी इस बात का वीडियो अपलोड किया जाता है कि उन्होंने एक खिलाड़ी पर हमला किया.
गंभीर की याचिका में कहा गया था कि उनकी पहचान का एआई और डीफफेक तकनीक के जरिये बिना अनुमति दुरुपयोग किया जा रहा है. गौतम गंभीर ने अपनी याचिका में व्यक्तित्व के अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए ढाई करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की थी. याचिका में गौतम गंभीर ने कई सोशल मीडिया अकाउंट, सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स और ई-कॉमर्स वेबसाईट का हवाला देते हुए कहा था कि उनके नाम, आवाज या व्यक्तित्व से जुड़े कंटेंट का बिना अनुमति धड़ल्ले से दुरुपयोग किया जा रहा है.
याचिका में कहा गया था कि कई सारे वीडियो में उनके त्यागपत्र देने की फर्जी घोषणाएं और वरिष्ठ क्रिकेटर्स पर मनगढ़ंत टिप्पणियां की गई हैं. उनकी पहचान का व्यावसायिक दोहन किया जा रहा है. याचिका 16 प्रतिवादियों के खिलाफ दायर की गई थी.
बता दें कि इसके पहले हाईकोर्ट कई मशहूर हस्तियों के व्यक्तित्व के अधिकारों की रक्षा का आदेश दे चुका है. जिनमें बाबा रामदेव, फिल्म अभिनेत्री काजोल, फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय, आंध्र प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, फिल्म अभिनेता सलमान खान, अभिनेता अजय देवगन, अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन, पत्रकार सुधीर चौधरी, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, तेलुगु अभिनेता नागार्जुन, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन और फिल्म प्रोड्यूसर करण जौहर के नाम शामिल हैं. अदालत ने इनके व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दिया था.
