पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की निर्णायक जीत और तमिलनाडु में विजय की पार्टी टीवीके के सबसे बड़े दल के रूप में उभरने के बाद देश की राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी दिखाई देती है। चुनावी रैलियों में किए गए वादे जल्द ही कागज से निकलकर हकीकत में उतरने की मांग करने लगेंगे। जनता ने जिस भरोसे के साथ इन दलों को सत्ता सौंपी है, वही भरोसा अब उनके लिए सबसे बड़ी परीक्षा बन गया है। जीत का उत्साह धीरे-धीरे जिम्मेदारियों के बोझ में बदल रहा है और यही वह समय है, जब राजनीतिक घोषणाओं की वास्तविक कीमत सामने आती है।
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