नई दिल्ली, 5 जून। ऑल इंडिया सिख कॉन्फ्रेंस (बब्बर) के अध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक गुरचरण सिंह बब्बर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर वर्ष 1984 में हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार की सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीशों द्वारा समयबद्ध एवं स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग की है। प्रधानमंत्री कार्यालय में ज्ञापन प्राप्त होने की पुष्टि भी दर्ज की गई है। 
ज्ञापन में कहा गया है कि जून 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) एवं श्री अकाल तख्त साहिब में की गई सैन्य कार्रवाई ने सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई थी। संगठन का कहना है कि इस घटना से उत्पन्न पीड़ा, आक्रोश और भावनात्मक आघात आज भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और दुनिया भर में बसे सिख समुदाय के बीच यह विषय लगातार चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ऑपरेशन उस समय चलाया गया जब श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री हरमंदिर साहिब में उपस्थित थे। संगठन का दावा है कि विभिन्न विवरणों और मान्यताओं के अनुसार इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में निर्दोष लोगों की जान गई। साथ ही पंजाब के कई प्रमुख गुरुद्वारों में भी सैन्य कार्रवाई किए जाने तथा वहां भी जनहानि होने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई गई है।
ऑल इंडिया सिख कॉन्फ्रेंस (बब्बर) ने अपने ज्ञापन में कहा है कि उस समय लिए गए राजनीतिक निर्णयों और नीतियों की भी जांच होनी चाहिए। संगठन का मानना है कि यदि उद्देश्य केवल संत जरनैल सिंह भिंडरांवाले और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार करना था, तो इसके लिए अन्य शांतिपूर्ण विकल्प भी अपनाए जा सकते थे। ज्ञापन में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि वर्षों से यह आरोप लगाए जाते रहे हैं कि सैन्य कार्रवाई की तैयारियां पहले से की गई थीं। ऐसे सभी आरोपों और दावों की निष्पक्ष तथा विश्वसनीय जांच कर सच्चाई को सामने लाया जाना चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया है कि ऑपरेशन के दौरान टैंक, तोपखाने और अन्य सैन्य संसाधनों का उपयोग किया गया, जिसके परिणामस्वरूप श्री हरमंदिर साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब तथा अन्य धार्मिक संरचनाओं को भारी क्षति पहुंची। संगठन का कहना है कि इन घटनाओं के कारण आज भी दुनिया भर के अनेक सिखों के मन में गहरा दुख और असंतोष मौजूद है।
गुरचरण सिंह बब्बर ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीशों की निगरानी में कराई जाए, ताकि ऑपरेशन ब्लू स्टार से जुड़ी सम्पूर्ण सच्चाई देश और दुनिया के सामने आ सके। उन्होंने कहा कि सत्य, पारदर्शिता और न्याय ही ऐतिहासिक घावों को भरने तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
संगठन ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगी और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों तथा न्यायिक परंपराओं के अनुरूप आवश्यक कदम उठाएगी।

