केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना’ करने का फैसला किया है। इसके साथ ही दिव्यांगजन पेंशन के लिए पात्रता के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब पेंशन के लिए न्यूनतम दिव्यांगता की सीमा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है। वहीं, न्यूनतम उम्र की शर्त भी समाप्त कर दी गई है, जिससे जन्म से ही पात्र दिव्यांगजन योजना के दायरे में आ सकेंगे।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल जारी रखने की मंजूरी दी है। इस अवधि में योजना पर कुल 53,428 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

