नई दिल्ली, 15 अक्टूबर।** दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में संगत की सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गुरुद्वारा साहिब के लखीशाह बंजारा हॉल के पास नए शौचालय बनाए गए हैं। इससे यहां आयोजित होने वाले विवाह समारोहों और अन्य धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाली संगत को काफी राहत मिलेगी। यह सुविधा विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और परिवारों के लिए बहुत लाभदायक साबित होगी।
यह सुविधा बाबा बचन सिंह जी कार सेवा दिल्ली वाला के सहयोग से निर्मित की गई है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह कहलों ने कार सेवा से जुड़े बाबा सतनाम सिंह जी और बाबा लखा सिंह जी की उपस्थिति में संगत की सेवा के लिए इन स्नानागारों को समर्पित किया।
इस अवसर पर सरदार हरमीत सिंह कालका और सरदार जगदीप सिंह कहलों ने बताया कि गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब के लखीशाह बंजारा हॉल में अक्सर शादियों समेत कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। पहले हॉल के पास शौचालय न होने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी। चूंकि शौचालय गुरुद्वारा साहिब के मुख्य द्वार के पास स्थित था, इसलिए श्रद्धालुओं, विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं को काफी असुविधा होती थी।
श्रद्धालुओं की इस आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने कार सेवा दिल्ली वाले के प्रमुख बाबा बचन सिंह जी से हॉल के पास एक शौचालय बनवाने का अनुरोध किया था। कार सेवा के माध्यम से यह कार्य पूरा होने के बाद, अब कार्यक्रमों में आने वाले लोगों को पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक व्यवस्था प्राप्त होगी।
समिति के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह कहलों ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब की सुविधाओं, सेवाओं और प्रबंधन में सुधार समिति की मुख्य प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने बताया कि गुरुद्वारा साहिब परिसर में सुविधाओं का विस्तार और अन्य आवश्यक कार्य भी चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कार सेवा दिल्ली और कार सेवा भूरी के सहयोग से गुरुद्वारा साहिब में कई अन्य कार्य भी किए जा रहे हैं, जो जल्द ही पूरे होने वाले हैं।
गुरुद्वारा साहिब में संगत की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उठाए जा रहे ये कदम सेवा, सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करते हैं। नए स्नानागारों के निर्माण से लखीशाह बंजारा हॉल में आयोजित कार्यक्रमों की व्यवस्था में सुधार तो होगा ही, साथ ही संगत को अधिक आरामदायक वातावरण भी मिलेगा।

