भोजपुरी सिनेमा के ‘पावर स्टार’ पवन सिंह आज 40 साल के हो गए हैं। बिहार के छोटे से गांव से निकलकर ग्लोबल लेवल पर नाम कमाने वाले पवन का सफर मेहनत, टैलेंट और दृढ़ता की मिसाल है। ‘लॉलीपॉप लागेलू’ जैसे सुपरहिट गाने से दुनिया भर में छा जाने वाले इस सिंगर-एक्टर की जिंदगी किसी इंस्पायरिंग फिल्म से कम नहीं।
चाचा की साइकिल से शुरू हुआ संगीत का जादू
पवन सिंह का जन्म 5 जनवरी 1986 को बिहार के भोजपुर जिले के जोकहरी गांव में हुआ। पिता रामाशंकर सिंह साधारण किसान थे और परिवार की माली हालत ज्यादा मजबूत नहीं थी। लेकिन पवन में बचपन से ही संगीत का जुनून था। उनके चाचा अजीत सिंह, जो खुद एक गायक थे, ने इस टैलेंट को पहचाना। चाचा उन्हें हारमोनियम सिखाते और अपनी साइकिल पर बैठाकर गांव-गांव के छोटे स्टेज शो में ले जाते। कई बार थककर स्टेज पर ही सो जाने वाले बच्चे पवन को चाचा पानी छिड़ककर जगाते, और फिर उनकी मधुर आवाज पूरे माहौल को मोह लेती।

