मणिपुरः मणिपुर में लंबे समय से चली आ रही जातीय अशांति के बीच राष्ट्रपति शासन हटने और नई सरकार बनने के तुरंत बाद राज्य में एक बार फिर तनाव और हिंसा की लहर दौड़ गई है। बुधवार को युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में बनी नई सरकार के शपथ ग्रहण के महज एक दिन बाद गुरुवार को कुकी-ज़ो बहुल चुराचांदपुर जिले में भारी विरोध प्रदर्शन हुए, जो हिंसक झड़पों में बदल गए।नई सरकार में कुकी-ज़ो समुदाय की भाजपा विधायक नेमचा किपगेन को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने से उनके अपने समुदाय में गहरा आक्रोश फैल गया है। नेमचा किपगेन ने नई दिल्ली के मणिपुर भवन से वर्चुअल रूप से शपथ ली, जबकि अन्य कुकी-ज़ो विधायकों ने इंफाल में शपथ समारोह में हिस्सा लिया। कई कुकी संगठनों ने इसे ‘गद्दारी’ करार देते हुए अपने विधायकों को सरकार में शामिल न होने की चेतावनी दी थी। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि जातीय हिंसा और विस्थापन की पीड़ा के बीच राजनीतिक भागीदारी उनके हितों के खिलाफ है।
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