उत्तर प्रदेश की वोटर लिस्ट के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। ऐसे में जहां लिस्ट में कुल 15.44 करोड़ मतदाता थे और अब 12.55 करोड़ मतदाता रह गए हैं। वहीं इस लिस्ट में शामिल 12.55 करोड़ मतदाताओं में से 91.75 प्रतिशत की मैपिंग कर ली गई है। जिन करीब 8.25 प्रतिशत लोगों के नाम मैपिंग में नहीं मिले हैं, उन 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी की जाएगी।मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने मंगलवार को लोकभवन में ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की। इस दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल 12.55 करोड़ में से 11.55 करोड़ लोगों यानी 91.75 प्रतिशत लोगों की मैपिंग चुनाव आयोग ने कर ली है। यह वह मतदाता हैं, जिनके नाम का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से कर लिया गया है। यह वे वोटर हैं, जिनका या तो खुद का नाम या फिर माता-पिता का नाम, बाबा-दादी का नाम और नाना-नानी का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में था। ऐसे में अब इन्हें कोई नोटिस नहीं जाएगी। वहीं बचे 1.04 करोड़ यानी 8.25 प्रतिशत लोगों को नोटिस भेजी जा रही है। नोटिस के बाद उनसे दस्तावेज मांगे जाएंगे। फिर जांच में सही पाए जाने पर ही उन्हें वोटर बनाया जाएगा।
Keep Reading
Add A Comment

