उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को उन व्यक्तियों की रिट याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिन्हें मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) के बाद पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया था, जबकि वे वर्तमान विधानसभा चुनाव में निर्वाचन अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने याचिकाकर्ताओं को उन अपीलीय न्यायाधिकरणों (ट्रिब्यूनल) के पास जाने का निर्देश दिया, जिन्हें मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की चुनौतियों की सुनवाई के लिए शीर्ष अदालत के आदेश पर गठित किया गया है।
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