शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर मां दुर्गा के भक्त भक्ति और श्रद्धा में डूबे हुए हैं। नवरात्रि के पांचवें दिन गुरुवार, 15 अक्टूबर को मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की जा रही है। इस अवसर पर श्रद्धालु व्रत रखकर मां की आराधना करते हैं और सुख-समृद्धि, ज्ञान, शांति तथा परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
भगवान कार्तिकेय की माता हैं स्कंदमाता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा के इस स्वरूप को भगवान कार्तिकेय यानी स्कंद की माता होने के कारण स्कंदमाता कहा जाता है। मां की गोद में भगवान स्कंद विराजमान रहते हैं। उन्हें ममता, करुणा और वात्सल्य का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां की पूजा करने से भक्तों को सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

