असम सरकार ने सोमवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर एक विधेयक विधानसभा में पेश किया जिसमें बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने और सह-जीवन (लिव-इन) संबंधों के पंजीकरण को अनिवार्य बनाने का प्रावधान है। विधेयक में हालांकि कहा गया है कि यह असम में निवास करने वाली किसी भी अनुसूचित जनजाति पर लागू नहीं होगा। संसदीय कार्य मंत्री अतुल बोरा ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की ओर से विधानसभा में ‘असम के लिए समान नागरिक संहिता, 2026 विधेयक’ पेश किया। कांग्रेस, रायजोर दल और तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस कदम का विरोध किया और इसे पेश करने से पहले सभी हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श की मांग की।
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