उत्तर रेलवे मुख्यालय से सभी 5 मंडल के अधिकारियों को निर्देश के साथ ट्रेनों की सूची जारी की गई है. कोविड से पूर्व चलने वाली लोकल गाड़ियों में न्यूनतम किराया केवल 10 रुपये था. रेलवे द्वारा कोविड के समय में इन गाड़ियों का परिचालन बंद कर दिया गया था. कोरोना के बाद जब फिर से रेलगाड़ियों का परिचालन शुरू हुआ तो इन ट्रेनों के नंबर बदलकर स्पेशल गाड़ी की तरह चलाई गईं, लेकिन इन गाड़ियों में न्यूनतम किराया 10 की जगह 30 रुपये कर दिया गया था. रेलवे ने फरवरी में इनमें से कुछ गाड़ियों के नंबर बदलकर न्यूनतम किराया 10 रुपये कर दिया था, लेकिन अधिकांश ट्रेनों के नंबर नहीं बदले गए.
लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद उत्तर रेलवे मुख्यालय की तरफ से 563 ऐसी गाड़ियों की सूची जारी की गई है, जिनके नंबर में बदलाव किया जा रहा है. अब यह गाड़ियां कोरोना से पूर्व वाले अपने नंबर पर चलेंगी. दैनिक यात्रियों को इसका सबसे बड़ा लाभ होगा और वह कम किराये में सफर कर सकेंगे. उत्तर रेलवे मुख्यालय से यह जानकारी और गाड़ियों की सूची दिल्ली, मुरादाबाद, फिरोजपुर, लखनऊ और अंबाला डिवीजन को भेजी गई है.
रेलवे से दैनिक यात्री मांग कर रहे थे
दैनिक यात्री संघ, यात्रियों द्वारा लंबे समय से लोकल गाड़ियों में बढ़ाए गए किराये को कम करने की मांग हो रही थी. रेलवे द्वारा आखिरकर इन गाड़ियों के नंबर बदलकर उन्हें वापस लोकल गाड़ियों में तब्दील किया गया है. दैनिक यात्रियों के लिए यह बड़ी राहत है.

