इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को बड़ा झटका देते हुए कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने प्रथम दृष्टया इस व्यवस्था को असंवैधानिक माना है और सरकार के निर्णय पर सवाल उठाए हैं। यह आदेश न्यायालय ने अरविंद राठौर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया।याचिका में सरकार के उस निर्णय को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी ग्राम प्रधानों को पंचायतों का प्रशासक बनाए जाने का प्रावधान किया गया था। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद प्रदेशभर में ग्राम पंचायतों के प्रशासनिक संचालन को लेकर नई स्थिति पैदा हो गई है।
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