करीब ढाई साल पहले, 22 जनवरी 2024 को जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का उद्घाटन हुआ था, तब देश ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धा के नाम पर चंदा और दान की बाढ़ आ गई थी। करोड़ों लोगों ने आस्था के साथ खुलकर योगदान दिया था। तब किसी ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि इतनी जल्दी इसी चढ़ावे पर घपले के आरोप लगने लगेंगे और वो भी करोड़ों की हेराफेरी के।अब हालात ऐसे हैं कि हर दिन नए खुलासों और नए आरोपों की फाइल खुल रही है। आठ नाम सामने आने के बाद SIT जांच तेज और इस्तीफे की गूंज भी तेज हो गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जिस ट्रस्ट को आस्था और विश्वास का प्रतीक माना गया, वही अब “ट्रस्ट” यानी भरोसे के संकट में क्यों घिर गया है।
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