भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा तब तक अधूरी है, जब तक स्कूलों और बच्चों को निशाना बनाने वालों को उनके अपराधों के लिए जवाबदेह नहीं ठहराया जाता। भारत ने जोर देकर कहा कि दंड से बचने की मानसिकता खत्म करने के लिए दोषियों को कानून के दायरे में लाना आवश्यक है।संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने सुरक्षा परिषद की खुली चर्चा “सशस्त्र संघर्ष से प्रभावित बच्चों की शिक्षा की रोकथाम और सुरक्षा को मजबूत बनाना: नीतिगत प्रतिबद्धताओं से प्रभावी क्रियान्वयन तक” विषय पर भारत का पक्ष रखा।
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