कूटनीति की असली ताकत हाथ मिलाने, औपचारिक स्वागत या साझा तस्वीरों में नहीं, बल्कि उस विश्वास में दिखाई देती है, जिसे कोई राष्ट्र अपने सर्वोच्च सम्मान के जरिए सार्वजनिक रूप से स्वीकार करता है। जकार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा’ से सम्मानित किया जाना ऐसा ही ऐतिहासिक क्षण था। फाइटर जेट्स की सलामी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के आत्मीय स्वागत ने स्पष्ट कर दिया कि भारत-इंडोनेशिया संबंध अब केवल साझा सांस्कृतिक विरासत तक सीमित नहीं हैं। यह सम्मान दोनों देशों के बीच रणनीतिक विश्वास, साझा भविष्य और क्षेत्रीय जिम्मेदारियों की नई साझेदारी का प्रतीक है। सदियों पुरानी मित्रता अब रक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे नए आधारों पर कहीं अधिक सशक्त होकर उभर रही है।
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