कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी द्वारा पुणे में एक कार्यक्रम में मनुस्मृति पर दिए गए बयान को लेकर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कड़ी नाराजगी जताई है। शंकराचार्य ने कहा कि हिंदू धर्मशास्त्रों को लेकर असत्य प्रचार और भ्रम छोड़ें।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “पुणे के अपने गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा हिंदुओं के प्रमुख धर्मशास्त्र मनुस्मृति और सनातन सांस्कृतिक विचारों पर दिया गया बयान उनकी घोर अज्ञानता, सतही समझ और सनातन परम्परा के प्रति दुर्भावनापूर्ण मानसिकता को उजागर करता है। राजनीतिक लाभ पाने के लिए प्राचीन धर्मशास्त्रों के श्लोकों को सन्दर्भ से काटकर पेश करना केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का अपमान ही नहीं, बल्कि समाज को भ्रमित करने का कुत्सित प्रयास है

