कौमी पत्रिका ! नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव का आयोजन इस वर्ष 21 से 27 अक्टूबर तक कुल्लू में किया जाएगा। उत्सव का शुभारंभ 21 अक्टूबर को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के स्थान पर उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार राज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता करेंगे, जबकि 27 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू समापन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। उत्सव के संबंध में बुधवार को नई दिल्ली में कर्टेन रेजर सेरेमनी का आयोजन किया गया।
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने समारोह में बताया कि इस वर्ष उत्सव को भव्य स्तर पर आयोजित करने की तैयारियां की जा रही हैं। सात दिवसीय आयोजन में ग्लोबल डांस, ड्रोन शो और लेजर शो विशेष आकर्षण होंगे। अंतरराष्ट्रीय डांस फेस्टिवल उत्सव का मुख्य आकर्षण रहेगा, जिसमें विभिन्न देशों की संस्कृतियों के साथ हिमाचल प्रदेश के रंग-बिरंगे लोक नृत्यों की झलक देखने को मिलेगी।
सुंदर सिंह ठाकुर ने बताया कि अब तक थाईलैंड, मिस्र, उज्बेकिस्तान, रूस, कजाखस्तान और अमेरिका सहित लगभग 12 देशों ने अपनी भागीदारी की पुष्टि की है, जबकि कुल 24 देशों के शामिल होने की उम्मीद है। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) इस आयोजन की सांस्कृतिक सहयोगी है। इसके अतिरिक्त उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NZCC) और दक्षिण क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (SZCC) भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कुल्लू दशहरा की ऐतिहासिक परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस उत्सव का इतिहास 17वीं शताब्दी से जुड़ा है। कुल्लू को स्थानीय देवी-देवताओं की भूमि होने के कारण देवभूमि के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष के आयोजन के लिए अब तक 346 स्थानीय देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजे जा चुके हैं।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इस बार उत्सव को और अधिक भव्य बनाने के साथ-साथ इसकी गुणवत्ता और विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परंपरा के अनुसार सात दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थाओं की ओर से स्टॉल लगाए जाएंगे। स्थानीय खेल प्रतियोगिताओं और नशा मुक्ति अभियान को भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में कर्टेन रेजर सेरेमनी आयोजित करने का उद्देश्य देशभर में इस उत्सव के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। यहां आने वाले पर्यटक विभिन्न देशों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने के अलावा हस्तशिल्प, ऊनी वस्त्रों और अन्य स्थानीय उत्पादों की खरीदारी भी कर सकेंगे।
सुंदर सिंह ठाकुर ने देशभर के लोगों से अपील की कि वे कुल्लू पहुंचकर इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनें और हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति एवं परंपराओं का अनुभव करें। इस अवसर पर प्रधान आवासीय आयुक्त अजय यादव तथा उप आवासीय आयुक्त मयंक शर्मा भी उपस्थित रहे।


