चंद्रमा बहुत सुंदर था। उसकी सुंदरता के चर्चे सर्वत्र होते थे। चंद्रमा की सुंदरता पर मोहित होकर दक्ष प्रजापति की सत्ताइस पुत्रियों ने उससे विवाह कर लिया था। कुछ दिन हंसी-खुशी में व्यतीत हुए फिर चन्द्रमा रोहिणी को छोड़कर शेष पत्नियों से नाराज रहने लगा। एक दिन तो उसने हद ही कर दी। रोहिणी को छोड़कर शेष पत्नियों को उसने महल से निकाल दिया। अपमानित दक्ष पुत्रियों ने मायके जाकर अपने पिता दक्ष प्रजापति से रो-रोकर अपनी व्यथा सुनाई। दक्ष ने चन्द्रमा को बुलाकर समझाया पर चन्द्रमा नहीं माना। उसने दक्ष प्रजापति को उल्टे बहुत भला-बुरा कहा। इस पर दक्ष प्रजापति को गुस्सा आ गया। उन्होंने चन्द्रमा को शाप दे दिया- ‘तुम्हें अपने रूप-सौंदर्य का बड़ा गर्व है, जा तुझे क्षय रोग हो जाएगा। तू- कांतिहीन हो जाएगा। दक्ष के शाप से छुटकारे के लिए चन्द्रमा ने भोले शंकर भगवान शिव की कठोर तपस्या की। शिव प्रसन्न हुए और चन्द्रमा से वर मांगने को कहा। चन्द्रमा ने शिव को सारी घटना बताई और श्राप से मुक्त होने का वर मांगा।
Trending
- Qaumi Patrika Hindi, 12 October 2026
- Qaumi Patrika Hindi, 11 Oct 2026
- दिल्ली में मेट्रो और ट्रेन बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल न करें’
- Jantar Mantar Protest: CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में छावनी में तबदील, 250 ट्रेनें रद्द; 45 मेट्रो स्टेशन बंद
- Jantar Mantar 2.0 : ध्रुव राठी की हिरासत पर भड़की CJP, ‘जंतर-मंतर 2.0’ का ऐलान; सैकड़ों युवाओं की रिहाई की मांग
- दिल्ली में प्रदर्शन पर सियासी संग्राम! खरगे ने मोदी सरकार को घेरा, अखिलेश की चेतावनी- देश में हर जगह बनेगा जंतर-मंतर
- Qaumi Patrika Hindi, 10 October 2026
- Qaumi Patrika Hindi, 9 October 2026

