लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया पर हमला करते हुए कहा कि कौन नहीं जानता है कि कल्याण सिंह के दिवंगत होने पर श्रद्धांजलि देने जाने की बात तो दूर समाजवादी पार्टी के मुखिया के मुंह से संवेदना का एक भी शब्द नहीं निकला। वहीं प्रदेश का एक दुर्दांत माफिया मरा था तो फातिया पढ़ने वो उसके गांव तक चले गए थे। क्या यही पीडीए है? सैकड़ों हिंदुओं के खून से जिनके हाथ रंगे हुए थे, ऐसे माफिया के मरने पर ऐसे मातम मना रहे थे, जैसे इनका कोई सगा चला गया हो। यही पीडीए का वास्तविक चरित्र है।
अयोध्या में एक निषाद बालिका के साथ, कन्नौज में और लखनऊ में जो घटनाएं घटित हुईं, यही इनका चेहरा हैं। जब तक इनका एकजुट होकर मुकाबला नहीं करेंगे, ये लोग प्रदेश की जनता को ऐसे ही बेवकूफ बनाते रहेंगे। छलते रहेंगे। आज ये परेशान हैं, क्योंकि उनकी गुंडागर्दी, अराजकता की दुकानें डबल इंजन की सरकार ने बंद कर दी हैं। उनके एक-एक षड़यंत्र को हर एक पग पर रोक दिया गया है।

