नई दिल्ली। नेशनल अकाली दल ( NAD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने प्रेस वार्ता में देश की युवा पीढ़ी को ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती लत और नशे के प्रकोप से बचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू करने की घोषणा की। अभियान के तहत युवाओं, विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों को जोड़कर “ऑनलाइन गेम और नशा मुक्त भारत” का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जी की जयंती पर क्रांतिकारियों को “शहीद” का दर्जा देने की घोषणा करे – पम्मा
इस अवसर पर नेशनल अकाली दल ( NAD) महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष भावना धवन, सोशल विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष रश्मीत कौर बिंद्रा, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह मारवाह, उपाध्यक्ष वरिंदर आर्य, रमेश सचदेवा, एजुकेशन विंग दिल्ली प्रदेश की अध्यक्ष रिदम चढ़ा सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
पम्मा ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग की लत और नशा अब केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि परिवार, समाज और देश के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। युवा देश की ताकत हैं और उन्हें इन बुराइयों से बचाना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि नेशनल अकाली दल केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और सामाजिक मंचों पर जमीनी स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाएगा।
पम्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा नशे के खिलाफ जनजागरूकता और नशामुक्त भारत के लिए किए जा रहे प्रयासों का नेशनल अकाली दल पूरी मजबूती से समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों को जनभागीदारी की ताकत देकर हर परिवार और नागरिक को इस लड़ाई का प्रहरी बनना होगा।
उन्होंने कहा, “नशे के खिलाफ लड़ाई किसी एक सरकार या संगठन की नहीं, बल्कि देश के भविष्य को बचाने का राष्ट्रीय संकल्प है। प्रधानमंत्री जी के नशामुक्त भारत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए नेशनल अकाली दल पूरी ताकत से मैदान में उतरेगा।”
इसी अवसर पर पम्मा ने केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि 27 सितंबर, शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जी की जयंती के अवसर पर आजादी के लिए अपना जीवन बलिदान करने वाले सभी महान क्रांतिकारियों को आधिकारिक रूप से “शहीद” का दर्जा देने की घोषणा की जाए।
उन्होंने कहा कि भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्रशेखर आजाद, अशफाक उल्ला खान, राम प्रसाद बिस्मिल सहित असंख्य क्रांतिकारियों के बलिदान को देश कभी नहीं भुला सकता। इन महान वीरों के संघर्ष, साहस और राष्ट्रभक्ति से युवा पीढ़ी को प्रेरित करना आज बेहद जरूरी है।
पम्मा ने कहा, “एक ओर हमें युवाओं को नशे और ऑनलाइन गेमिंग के जाल से बचाना है, तो दूसरी ओर उन्हें महान क्रांतिकारियों के साहस, संघर्ष और बलिदान से प्रेरित करना है। यही मजबूत, जागरूक और राष्ट्रभक्त भारत की नींव है।”

