मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से छूट गए लोगों और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए चुनाव आयोग अलर्ट हो गया है। लोगों को चुनावी सूची में शामिल करने के लिए चुनाव आयोग ने विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को यह अभियान चलाने को कहा है, जहां विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।आयोग के निर्देश के मुताबिक, इस अभियान का फोकस ऐसे मतदाताओं पर रहेगा जो मतदाता सूची से छूट गए हैं। पहली बार वोट देने के योग्य हैं या युवा मतदाता हैं। आयोग ने ये भी स्पष्ट किया है कि मतदाता पंजीकरण लगातार चलने वाली प्रक्रिया है और पात्र व्यक्ति नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आयोग के मुताबिक, SIR के एन्यूमरेशन चरण में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची तैयार की थी। इसमें नाम शामिल नहीं होने के संभावित कारण भी दर्ज किए गए थे। इन सूचियों को संबंधित पंचायत भवनों और शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करने के साथ बूथ लेवल एजेंटों (BLA) और राजनीतिक दलों के साथ साझा किया गया तथा CEO की वेबसाइटों पर भी अपलोड किया गया।
इसके बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई। दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी हुई। आयोग ने बताया कि अंतिम सूची में ड्राफ्ट प्रकाशित होने के बाद जोड़े या हटाए गए नाम भी शामिल हैं।

