केंद्र सरकार ने 1966 के गन्ना नियंत्रण आदेश को एक व्यापक नए नियामक ढांचे से बदलने का प्रस्ताव किया है। इसमें पहली बार एथनॉल उत्पादन, डिजिटल अनुपालन और कारखानों की मंजूरी के लिए एक औपचारिक व्यवस्था को एक साथ लाया गया है। सरकार ने इस मसौदे पर 20 मई तक लोगों से सुझाव मांगे हैं। केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के गन्ना (नियंत्रण) आदेश 2026 के मसौदे में पुराने कानून की बुनियादी संरचना को बरकरार रखा गया है। इसमें उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) के नियम, गन्ने की आवाजाही पर नियंत्रण, 14 दिनों के भीतर भुगतान की समय सीमा और देरी से भुगतान पर 15 प्रतिशत सालाना ब्याज शामिल है। हालांकि इसमें पूरी तरह बदल चुके उद्योग के अनुरूप एक नया ढांचा तैयार किया गया है।
Trending
- Qaumi Patrika Hindi, 4 October 2026
- Qaumi Patrika Hindi, 03 October 2026
- राजघाट पर PM मोदी ने किया बापू को नमन, CM योगी ने गांधी-शास्त्री के संदेश को बताया आज भी प्रासंगिक
- UP BJP: अनुसूचित मोर्चा में बड़ा फेरबदल, 43 पदाधिकारियों की नई टीम घोषित; 12 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री को जिम्मेदारी
- दिल्ली में अचानक बढ़ी सख्ती, 11 मेट्रो स्टेशन बंद और धारा 163 लागू; इन रास्तों पर भी ट्रैफिक डायवर्ट
- गंगा ने बढ़ाई चिंता: घरों में घुसा पानी, छतों और सड़क किनारे शरण ले रहे लोग, खतरे के निशान से महज 19 सेमी दूर
- वोटर लिस्ट में नाम छूटा तो अब घर पहुंचेगा BLO! पहली बार वोटरों के लिए चुनाव आयोग का विशेष अभियान
- Qaumi Patrika Hindi, 2 Oct 2026

